भारत के इतिहाके पन्नों में ऐसी बहुत सी मंदिर दबी हैँ जिन्हे तोड़कर उसपर मस्जिद का निर्माण मुस्लिम आक्रनताओं द्वारा किया गया| उनमें से एक संभल की जामा मस्जिद भी है| जहाँ पर पहले हरिहर मंदिर हुआ करता था|
सन 1971 में एक पुस्तक आई थी संभल ए हिस्टॉरिकल सर्वे उसे समय इंदिरा गांधी की सरकार थी पुस्तक में लिखा है| 12वीं शताब्दी में संभल चौहान साम्राज्य की राजधानी हुआ करती थी संभल में उस समय 100% आबादी हिंदुओं की थी और इसे उस समय संभल नहीं शंबल कहा जाता था |
अजमेर और दिल्ली के बाद पृथ्वीराज चौहान सबसे ज्यादा समय इसी संभल में बिताया करते थे |और उन्होंने यहां कई हिंदू मंदिरों का निर्माण कराया था जिन्हें बाद में गुलाम वंश तथा दिल्ली सल्तनत के शासको ने एक-एक करके तुड़वा दिया|
गुलाम वंश उन शासको का कहा जाता है जो मोहम्मद गौरी के साथ भारत आए थे और पृथ्वीराज चौहान से दुश्मनी रखते थे |और गुलाम वंश के समय ही संभल में कई मंदिरों को तोड़ा गया और उसके स्थान पर कई मस्जिदे और मकबरे बनाए गए| ऐसा दावा किया जाता है कि अजमेर में मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह भी उन्हें में से एक थी|
गुलाम वंश के बाद लोदी वंश के सिकंदर लोदी यहां पर आया उसने संभल को अपनी राजधानी बनाया| वह 1499 से 1503 ई. वीं तक यहां रहा| उसे इस बात से नफरत होती थी की संभल में इस्लामी राजधानी होने के बावजूद यहां इतने मंदिर हैं |ऐसी नफरत के चलते उसने संभल के स्वरूप को बदलना शुरू किया|
ठीक यही प्रक्रिया अजमेर में भी हुई वहां भी हिंदू मंदिरों को तोड़कर बहुत सारे मकबरे और मस्जिद बनाई गई |कहते हैँ
सन 1529 ई. वीं. में यहां बाबर आया था और उसी के आदेश पर यहां हरिहर मंदिर तोड़कर उसी पर शाही मस्जिद बनाई गई और महाराजा पृथ्वीराज चौहान ने अजमेर और संभल दोनों जगह बहुत सारी मंदिरों का निर्माण कराया था |और उस समय यह मंदिर ही इन शहरो की संपत्ति और पहचान हुआ करती थी|
और मुस्लिम आक्रांता समझते थे कि अगर यहां मंदिर रही तो मुसलमान के शासक होने का कोई महत्व नहीं रह जायेगा |और इसीलिए इन मंदिरों को तुड़वा दिया गया और उसकी जगह मकबरे और मस्जिद व मजारे बनाई गई|
संभल के शाही मस्जिद में बहुत सारे तथ्य मिले है जो यहां हिन्दू मदिर अर्थात भगवान विष्णु के मंदिर होने की पुष्टि करता है |
बाबर की पुस्तक बाबरनामा में बाबर ने लिखा है की उसके दरबारी मीर हिन्दू बेग ने संभल के हरिहर मंदिर को तोड़कर वहा शाही मस्जिद का निर्माण कराया था | संभल के म्यूजियम में ये 5 सबूत रखे हैँ |जो सर्वे में प्राप्त हुये हैँ |
1-विष्णु भगवान की मूर्ति
2-सुदर्शन चक्र
3-हरिहर मंदिर के अवशेष
4-सरकारी गजेटियर
5-हरिहर मंदिर का नक्शा
हिन्दू शाशत्रो की मान्यता है की भगवान विष्णु का 10वा अवतार कल्कि भविष्य में इसी मंदिर में प्रकट होगा |
अबुल फजल की पुस्तक आईने अकबरी में भी हरिहर मंदिर का जिक्र है ऐसे बहुत सारे सबूत हिन्दू पक्ष के यहाँ से प्राप्त हुये हैँ|

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें