शनिवार, 4 जनवरी 2025

क्या चीन मे फिर से कोरोना या वैसी ही कोई और बीमारी फ़ैल रही क्या है सच्चाई?

नमस्कार दोस्तों दुनिया में जैसे ही वायरस की चर्चा होती है तो सभी के दिमाग में कोविड-19 का दौर याद आ जाता है वो समय याद आ जाता है जब 2019 में दुनिया ने पहली बार वायरस से खुद को हारते हुए देखा अपनों को खोते हुए देखा 2020- 2021 में लगे हुए उन लॉकडाउन को देखा जब बने बनाए बिजनेसेस तबाह हो गए लोगों ने देखा कि किस तरह से जिस तरह से दुनिया को वह सोचते चल रहे थे |





वैसी दुनिया नहीं है इस तरह से अपनों को अपनों से दूर होते देखा परायो को अपने काम आते देखा इंसान का स्वार्थ बाहर आते देखा वह सारी घटनाएं जब एक बार आपको दोबारा से याद दिला दी जाए तो आप फिर से एक पैनिक मोड में चले जाते हैं मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं क्योंकि फिर से चीन के अंदर कुछ वैसी ही भीड़ लगती हुई दिखाई दे रही है कुछ हॉस्पिटल्स में इस तरह के वीडियोस वायरल हो रहे हैं जहां पर लोग मुंह पर मास्क लगाए तेजी से सेंटर की तरफ भागते हुए दिखाई दे रहे हैं भीड़ कंट्रोल करने के लिए पुलिस के द्वारा माइक का इस्तेमाल किया जा रहा है ऐसी-ऐसी तस्वीरें जिसमें लोग बड़ी बेचैनी के साथ दिखाई पड़ रहे हैं ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर जबर जस्त तरीके से वायरल हो रही हैं |

कोविड-19 के समय पर भी चीन ने अपनी बात को स्वीकार नहीं किया था कि कोरोना उनके यहां से निकला इस वजह से लोग ऐसे वीडियोस पर ज्यादा ट्रस्ट करते हैं कि यह इस बार भी नहीं बताएगा| कि इसके यहां कुछ ऐसा वायरस आउटब्रेक हुआ है यही कारण है कि इन्हीं वीडियोस पर लोगों को यकीन करना पड़ता है हो सकता है यह वीडियोस पुराने हो हो सकता है नए हो लेकिन मार्केट में न्यूज़ गर्म है और इतनी गर्म है कि इस समय बड़े-बड़े सेंटर्स की हेडलाइंस बनी हुई है|

नाम उसका एचएम पीवी वायरस यानी कि एक वायरस की कैटेगरी है जिसे ह्यूमन मेटा न्यूमेर वायरस कहा गया है जो एक आरएनए वायरस है लक्षण इसके कोविड-19 जैसे ही हैं लेकिन इसका असर छोटे बच्चों पर ज्यादा दिखता है 2 साल से छोटे बच्चे इसके बड़े शिकार होते हैं वृद्ध जन भी इसके शिकार बनते हैं हमने इस विषय पर अपने एक अन्य इनफ्लुएंजा ए माइकोप्लाज्मा निमोनिया कोविड-19 के केस भी इसके साथ ही साथ आ रहे हैं मरीजों की संख्या 16 से 25 दिसंबर के बीच बढ़ती हुई पाई गई है यही कारण है |

हालांकि चीन ऐसी कोई जानकारी अपनी तरफ से नहीं दे रहा है इमरजेंसी घोषित करने के साथ-साथ अस्पतालों में और शमशान घाटों में भीड़ बढ़ रही है |


 भारत सरकार का जब तक कोई आधिकारिक बयान इस विषयों पर ना आए किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है लेकिन मीडिया से पूर्व वहां की लोकल मीडिया जो जानकारी दे रही है मैं आपको उन्हें साझा कर रहा हूं इन सब बातों में बार-बार एक ही बात कही जाए कि चीजों को बढ़ा चढ़ाकर कहना संभव है हो सकता है कि इन खबरों के साथ में एक एचएम पीवी जैसे साधारण वायरस को बहुत ज्यादा जुकाम खांसी के वायरस को इतनी फुटेज दे दी जाए क्योंकि दूध का जला छाछ को भी फूंक कर पीता है तो हो सकता है कि हम कोविड-19 के दौर से इतनी बुरी तरह आहत हैं इस एचएम पीवी वायरस जैसे न्यूज़ को भी हम बड़ी न्यूज़ मान लें और इसी के चलते जुकाम खांसी के सीजनल जो मरीज बढ़ रहे हैं उनकी बढ़ती संख्या को एक पडेम की तरफ इशारा माने कोरोना भी एक वायरस ही था और यहां पर भी अभी एक वायरस की ही बात हो रही है |

वायरस जनित तमाम प्रकार की बीमारियां इस दुनिया में ऑलरेडी एजिस्ट करती थी कहते हैं कि कोविड-19 भी एजिस्ट ही करता था लेकिन उसके अंदर किसी प्रकार का जेनेटिक परिवर्तन हुआ और वह ज्यादा आक्रामक हो गया यानी कि पहले से ज्यादा एक्टिव हो गया वायरस कभी खत्म नहीं होते ये साइंस कहती है एगजैक्टली एचएम पीवी वायरस पहले भी रहा होगा और यह फिर से सुर्खियों में आ रहा है|

 तो ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यह ह्यूमन मेटा नमोनी वायरस है क्या जिसकी वजह से चाइना में ऐसी सिचुएशंस बन रही हैं तो बात की जाए सबसे पहले ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस की जो कि एक रेस्पिरेटरी वायरस है श्वसन संबंधी बीमारी के लिए जिम्मेदार है |

यह पिछले 60 सालों से एग्जिट कर रहा है और इसका इनक्यूबेशन पीरियड यानी आपके शरीर में जाकर आपके शरीर को प्रभावित करने तक का जो कालखंड है वह लगभग 5 दिन के आसपास का हो सकता है इसका जो ट्रांसमिशन है यानी आप से किसी अन्य व्यक्ति में पहुंचने की जो संभावना है वह क्लो क्स कांटेक्ट से या इफेक्टेड व्यक्ति के साथ अगर आप एक्सपोजर में हैं तो हो सकती है जस्ट लाइक फ्लू यह आपसे दूसरे व्यक्ति के अंदर फैल सकती है ऐसे में इसके साइन और सिम्टम्स क्या हैं तो कफ का होना नाक का बहना गला खराब रहना थ्रोट फीवर विजिंग ये सब सारे फीचर्स हैं |

जो आगे तीन से छ दिन में दिखाई देते हैं अगेन मैं चाहे कितना भी डानस बनाऊं लेकिन आप इन्हें रिलेट कोरोना से ही करने लगेंगे आप कहेंगे कोरोना के टाइम पर भी तो ऐसे ही फीचर्स आए थे सांस फूलना जुकाम होना सांस लंबी ना ले पाना जी का घुटना यह सब तो यह वायरस जितने भी फ्लू के हैं उनके ये कॉमन फीचर हैं अगर आपको सर्दी में जुकाम हो जाए तो भी सांस लेने में दिक्कत आती है नाक बंद हो जाती है नाक टपकती रहती है तो फ्लू वायरस की तरह यहां पर कोरोना में भी फीचर्स आए थे और एचएम पीवी में भी वैसे ही फीचर्स दिखाई दे रहे हैं इसकी जो इलनेस है |

ये कुछ दिनों में स्वतः ही सही हो जाती है अगर ये एचएम पीवी वायरस है क्योंकि जिस तरह की जानकारी वहां की सीडीसी द्वारा दी जा रही है उनका कहना है कि ये एचएम पीवी वायरस ह्यूमन न्यूमेर जो वायर ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस जो है उसकी तरह से ही है तो ऐसे में इसका अपने आप सही होने का भी रिकॉर्ड रहा है लेकिन अगेन पहले से था तो अचानक इसके सर्ज मतलब पेशेंट्स की संख्या में वृद्धि क्यों हुई यहीं से चिंता जागती है और जब चिंता जागती है तो बड़ा प्रश्न इस बात पर खड़ा होता है कि कहीं ये वायरस फिर से मूटेड तो नहीं हो गया यानी इस वायरस ने कोई नया वायरस रूप तो धारण नहीं कर लिया |

जिसकी वजह से हमें चिंता होनी चाहिए या हमें नहीं बताया जा रहा है ठीक है तो ऐसे में इस बीमारी को लेकर के यह फिलहाल जो पुराने इतिहास खोज के लाए जा रहे हैं वही बताए जा रहे हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है ये सिंपल एक एचएम पीवी वायरस है जिसमें ज्यादा कॉम्प्लिकेशंस देखे नहीं जाते लेकिन अगेन लोगों की तरफ से जो आर्गुमेंट दिया जा रहा है कि जब साठ साल से था तब तो लोग इतना ज्यादा हॉस्पिटल भाग के इसके चलते नहीं गए अचानक क्यों गए अच्छा वायरस हो या कोई भी न्यूक्लिक मटेरियल से बने हुए जेनेटिक प्रोडक्ट्स हो आप और हम भी उनमें से एक हैं प्रकृति के प्रभाव से जीन जीनोम सीक्वेंस में परिवर्तन की संभावनाएं रहित रहती हैं|


 यानी हमारे साथ में जो डीएनए आरएनए है उनमें लगे हुए जींस हो सकते हैं कभी म्यूटेशन हो जाएं हो सक जो नया वायरस है वो इवॉल्व होकर के और घातक हो सकता है या कमजोर पड़ सकता है अब अगला टेंशन कब करना होगा जब यह कोरोना खुद से स्मार्ट होकर फिर अपने अंदर कोई परिवर्तन ले आए तो हो सकता है कि फिर इंसानों के लिए वो घातक क्षण बने एगजैक्टली ऐसे ही इस वायरस के बारे में चिंता इस बात की है कि अगर यह एचएमपी टाइप का फीवर दिखा भी रहा है या उसके तरह फीचर दिखा रहा है तो कहीं यह मूटेड फॉर्म में तो आकर इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है बस चिंता केवल इस बात की है अब बात इस बात की कि जब 60 साल से अगर कोई वायरस चल रहा है तो साहब एक बात बताइए इतने सालों में इसकी कोई इलाज ढूंढी गई आंसर है एचएम पीवी का भी आज तक वैक्सीन नहीं बना है तो जब वैक्सीन नहीं है तो ऐसे में चिंता बड़ी लाजमी हो जाती है कि जब भाई पहले से ही वैक्सीन नहीं है साठ साल से चल आ रहा है अचानक मरीज इसके चलते बढ़ने लगे हैं|

वो 1 पर है मतलब इसकी वजह से जो बीमार लोग हैं उनके मरने की संभावना 1 फीदी है तो फिर थोड़ी राहत की सांस मिलती है कि उन 1 फीदी में थोड़ी होंगे तो बस इसी खुशखबरी के साथ आप इस न्यूज़ को आगे चलते सुने लेकिन हां सतर्क रहते हुए क्योंकि इनके यहां का भी जो नेशनल डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन एडमिनिस्ट्रेशन है उसने प्रोटोकॉल स्थापित कर दिए हैं लेबोरेटरी के लिए और उनसे कहा है कि हमें सारी रिपोर्ट संजीदा तरीके से बताइएगा|


 फाइनेंशियल एक्सप्रेस का कहना है कि इनका जो यहां का सेंट्रल डिजीज कंट्रोल यानी सीडीसी है उसने रिकमेंडेशंस दी हैं लोगों को कि वह भीड़ में मास्क पहने सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करें क्राउडेड स्थान पर जाने से बचे तो अगेन वही बात कि भाई आपने फिर इस तरह के प्रोटोकॉल्स क्यों दिए फाइनेंशियल एक्सप्रेस लिख रहा है कि लोगों को ऐसा कहा गया है तो निश्चित ही अगर कुछ ऐसा है तो हम भी सतर्क रहे तो बेहतर होगा|

 डिपार्टमेंट्स को एडवाइज किया गया है कि वह हाइजीन को ध्यान रखें और प्रॉपर वेंटिलेटेड स्थान के ऊपर रह ऐसा चाइना के अंदर प्रोटोकॉल्स दिए गए हैं लोगों की इस बीच में मीम्स की बार निकल आई बोले चाइना जब भी पिछड़ने लगता है इकॉनमी में या फिर इसकी इकॉनमी को कोई नुकसान आने लगता है तो यह अपना कंपटीशन खत्म करने के लिए कोई ना कोई वायरस दुनिया में छोड़ देता है इस तरह से काफी सारे मीम्स वायरल होने लगे लोगों ने कहा कि अब तक कोरोना की चिंता गई नहीं थी नए वायरस की खुशखबरी सुनने को मिल रही है खैर कुल मिलाकर के इस पूरी दुनिया में अब चिंता तो इसकी वजह से व्याप्त होगी ही जैसा मैंने आपसे कहा कि जंगल में ऑलरेडी शेर आ चुका है तो शेर आ चुका है तो उसके दोबारा आने का आतंक पता है|

असल में यह एडवाइजरी नहीं न्यूज़ दी गई है कि कोई चिंता की बात नहीं है अभी तक हमारी हेल्थ एजेंसीज को इस वायरस के बारे में कोई खबर नहीं है और ऐसा कोई रिपोर्ट नहीं है जिससे कि हम लोग पैनिक में जाएं तो भारत की तरफ से जो टॉप ऑफ ऑफिशल्स हैं उन्होंने रेपो रिपोजिटरी ऑफ टेक्निकल नॉलेज के आधार पर यह जानकारी देते हुए कहा है कि फिलहाल इसकी कोई चिंता की बात नहीं है डीडी न्यूज़ पर यह कटिंग टहल रही है जिसमें डी जीएचएस डॉकर अतुल गोयल हैं जो इस बात को बोल रहे हैं कि ऐसा अभी हमारे यहां पर कुछ भी रिपोर्टेड नहीं है साथ ही साथ एक कॉमन कोल्ड की तरह से ये फीचर हो सकता है चलो हमने अपनी निमेट ली डब्ल्यूएचओ क्या कर रहा है तो भाई साहब डब्ल्यू एओ तो कोविड के टाइम भी नहीं बोला था|

 तो अब क्या बोले अच्छा क्या डब्ल्यू एओ को यह पता चल गया क्या कि कोविड जो है वह चाइना से आया था तो आंसर है जी नहीं तो साहब डब्ल्यूएचओ ने क्या किया डब्ल्यू एओ ने केवल इतना किया कि कोविड वायरस को चाइनीज वायरस या वुहान वायरस नाम ना पड़े बस इतना काम उसने ढंग से कर लिया उसने चाइना बदनाम ना हो यह काम ढंग से कर लिया था भले ही कांगो फीवर एजिस्ट करता हो स्पेनिश फ्लू एजिस्ट करता हो लेकिन डब्ल्यू एओ ने नियम परिवर्तित करते हुए चाइना का व बदनाम ना हो या चाइनीज वायरस के नाम से कोविड का नाम ना जाना जाए बस इसने यह पुख्ता कर दिया कि दुनिया में कहीं यह ना बोला जाए तो अभी तक डब्ल्यू एओ की कोई कमेंट्री आई बिल्कुल नहीं आई अमेरिका कुछ बोला क्या तो भाई साहब देखो कुल मिलाकर बात यह है कि ट्रंप जब हुआ करते थे |

पिछले शासनकाल में तब वह चाइना को ही रिस्पांसिबल ठहराते थे कोरोना के लिए और जब कोविड के लिए रिस्पांसिबल ठहराते थे तो डब्ल्यू एओ को भी धमकाते थे और कोविड-19 के केस में ट्रंप ने साफ कहा था कि यह पूरा खेला चाइना का किया हुआ है और डब्ल्यू एओ केवल उसकी फंडिंग के लालच में कुछ बोलता नहीं है बेहतर है कि डब्ल्यू एओ से अमेरिका बाहर निकल जाए भाई साहब अमेरिका ने ट्रंप के एरा में डब्ल्यू एओ की फंडिंग ही रोक दी और रोक कर के कहा कि भैया हम बाहर निकल रहे हैं || 

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